तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कार्यकाल में गठित एंटी करप्शन ब्यूरो को अनुच्छेद 370 हटने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्यादा अधिकार दिए गए। एंटी करप्शन ब्यूरो की सीधी कमान केंद्र के हाथ में जाने पर इसका पुनर्गठन भी हुआ। केंद्र ने न सिर्फ एसीबी का अमला बढ़ाया, बल्कि बैंकों पर भी कार्रवाई का अधिकार दे दिया। पहले एसीबी बैंकों में कार्रवाई नहीं कर पाती थी। 370 हटने के बाद एसीबी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर 49 केस दर्ज किए हैं।
एसीबी के पास अब 100 से अधिक की टीम
370 हटने से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो के पास 35 से 40 लोगों की टीम थी। अब एसीबी के पास 100 से अधिक लोगों की संख्या है। एसीबी की अपनी बेवसाइट है। साथ ही एसीबी की ओर से व्हाटसएप और सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों की शिकायतें सुनी जाती हैं।