विपिन कुमार के सहपाठियों और ग्रामीणों का कहना है कि वह बचपन से ही तेज-तर्रार, बहादुर और देशभक्ति के जज्बे से भरे हुए थे। भारतीय सेना में उनकी सेवा का सपना हमेशा से उनका था, और उन्होंने अपनी शहादत के माध्यम से उस सपने को पूरा किया। उनके सहपाठियों ने कहा कि विपिन कुमार का जज्बा और देशभक्ति हर किसी को प्रेरित करती है और उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
सभी लोग विपिन कुमार की वीरता और देशभक्ति की चर्चा करते हुए उन्हें सलाम कर रहे हैं। सुंदरबनी और जम्मू-कश्मीर के लोग उनके बलिदान पर गर्व महसूस कर रहे हैं और मानते हैं कि विपिन कुमार का नाम हमेशा देश के दिलों में अमर रहेगा। सुंदरबनी का यह लाल अब हमेशा मां भारती के चरणों में विश्राम करेगा, लेकिन उसकी यादें और बलिदान कभी नहीं भुलाए जाएंगे।