बाबा प्रागनाथ देवस्थान में आयोजित दंगल में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच शांतिपूर्वक संपन्न
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बाड़ी ब्राह्मणा। बाबा प्रागनाथ देवस्थान बस्सी में रविवार को आयोजित दंगल प्रशासन तथा दंगल कमेटी के सामंजस्य से शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। एसडीएम, दो तहसीलदार, तीन थानेदार और सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि व श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति रही।
दंगल में गंगाधर जी महाराज, सुरेश शास्त्री, विधायक राजीव भगत, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जयराम शर्मा, युवा राजपूत सभा के प्रधान मनदीप सिंह चिब, पूर्व प्रधान राजन सिंह सहित अन्य प्रबुद्धजन मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लेकर उत्साह दिखाया। दंगल कमेटी ने सुरक्षा और आयोजन के पुख्ता बंदोबस्त किए थे। सैकड़ों की संख्या में तैनात पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखी और भीड़ नियंत्रण किया।
100 से अधिक मुकाबले हुए, लाखों इनाम जीता
घरेलू तथा बाहरी राज्यों से आए पहलवानों ने कुश्ती में दमखम दिखाया और कुल 100 से अधिक मुकाबले कराए गए। मुख्य मुकाबले में जम्मू के वीनिया अमीन और सोनू कांगड़ा के बीच हुई बड़ी कुश्ती ने दर्शकों का ध्यान खींचा। वीनिया अमीन ने सोनू कांगड़ा को पटखनी देकर बड़ी कुश्ती अपने नाम की और विजेता के तौर पर 60,000 नकद इनाम पाया, उपविजेता को 40,000 नकद दिए गए। दूसरी माली का मुकाबला प्रितपाल अजनाला और अभय अखनूर के बीच हुआ। प्रितपाल ने मुकाबला अपने नाम किया और इनाम के तौर पर 40,000 नकद दिए गए, और उपविजेता को 30,000 दिए गए। तीसरी माली का मुकाबला जग्गा पहलवान डेरा बाबा नानक और काका आर एस पुरा के बीच हुआ। मुकाबला बराबरी पर छूटा दोनों पहलवानों को 20,000 नकद दिए गए। मुकाबलों के दौरान लोगों ने पहलवानों की जोरदार हौसला अफजाई की।
-
दंगल कमेटी और प्रशासन के बीच था विवाद
उल्लेखनीय है कि दंगल को लेकर पहले दंगल कमेटी व प्रशासन के बीच विवाद हुआ था, जिस कारण 28 जून को यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। दंगल रद्द होने से लोगों में नाराजगी फैली थी और विभिन्न हिंदू संगठनों ने मिलकर 12 जुलाई को दंगल करवाने का अंतिम निर्णय लिया था।
आस्था की हुई जीत : वरिष्ठ भाजपा नेता जयराम शर्मा और दंगल कमेटी के सदस्य दंगल करवाने को लेकर निरंतर प्रशासन के उच्च अधिकारियों के संपर्क में रहे और दंगल से जुड़ी लोगों की आस्था का हवाला देते हुए शांतिपूर्वक तरीके से दंगल करवाने का दबाव डालते रहे। इसके बाद प्रशासन ने दंगल करवाने का फैसला लिया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ आयोजन
स्थानीय कोर्ट द्वारा आयोजन स्थल पर अटैचमेंट और दो समुदायों के बीच पहले हुई टकराव की पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन ने प्रारंभ में सतर्कता बरती और कोर्ट के आर्डर को मध्य नजर रखते हुए दंगल करवाने के लिए कहा परंतु दंगल कमेटी अपनी जिद पर अड़ी रही। लेकिन बाद में विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक संगठनों की अपील पर प्रशासन ने दंगल कमेटी का समर्थन करते हुए सुरक्षा-व्यवस्था के साथ कार्यक्रम कराये जाने की सहमति दी। आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और कार्यक्रम शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।