केंद्र ने आत्मनिर्भर अभियान के तहत ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ योजना के दायरे में जम्मू-कश्मीर को भी शामिल कर लिया है। इस योजना में फल-सब्जियों के परिवहन और भंडारण का खर्च सरकार उठाती है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर की ओर से जारी आदेश के तहत जम्मू-कश्मीर में सेब, नाशपाति, बादाम, शिमला मिर्च, गाजर, खीरा, भिंडी, संतरा, किन्नू और नींबू के किसानों और बागवानों को राहत मिलेगी।
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योजना के तहत यदि फसल के दाम पिछले तीन साल के औसत मूल्य से नीचे जाते हैं या फिर बीते वर्ष की तुलना में 15 फीसदी कम होते हैं तो सरकार किसानों की भरपाई को कदम उठाएगी। इसमें उत्पादन क्षेत्र से उपभोक्ता केंद्र तक फल-सब्जियों को पहुंचाने के माल ढुलाई खर्च का 50 फीसदी मंत्रालय वहन करेगा। परिवहन की जगह दूसरा विकल्प फल-सब्जियों के तीन माह के भंडारण का खर्च होगा, जिसे पूरी तरह से सरकार उठाएगी।