किश्तवाड़ में आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा तथा परिहार बंधुओं की हत्या करने वाले आतंकी ग्रुप की पहचान कर ली गई है। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह दावा आईजी एमके सिन्हा ने किया।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि हत्या में इस्तेमाल वाहन जाहिद ने खरीदी थी जो बाद में आतंकी बन गया और अब वह ओसामा के साथ घूम रहा है। ओसामा किश्तवाड़ में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन तथा लश्कर ए ताइबा के सात सक्रिय आतंकियों में एक है। बताया कि हाल के हमले में आतंकी कहां से आए और कहां से गए यह पता लगा लिया गया है। किस प्रकार उन्होंने घटना को अंजाम दिया इसकी पड़ताल भी पूरी कर ली गई है, लेकिन अब तक आतंकियों का लोकेशन नहीं पता हो पाया है। पुलिस इस दिशा में काम कर रही है। पुलिस ने पिछले दिनों सात आतंकियों का पोस्टर जारी कर उन पर इनाम की घोषणा की थी। इन आतंकियों में मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर, रियाज अहमद उर्फ हजारी, मुदासिर हुसैन, जमाल दीन उर्फ अबु बकर, तालिब हुसैन, जुनैद अकरम तथा ओसामा बिन जावेद उर्फ ओसामा शामिल हैं।
जहांगीर व हजारी सबसे पुराने आतंकी
सूत्रों के अनुसार हिजबुल के जहांगीर व हजारी राज्य के सबसे पुराने आतंकियों में हैं जो नब्बे के दशक में आतंकवाद के शुरू होने के बाद कभी पकड़े नहीं गए। लश्कर के ओसामा समेत पांच पिछले साल आतंकी संगठन में शामिल हुए। इन पांच में दो घाटी में अध्ययन कर रहे थे। एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त जिला हाल की आतंकी घटनाओं से फिर सुर्खियों में आ गया।