बादल फटने से क्षेत्र में कई जल स्रोत उफान पर आ गए। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया और मिट्टी का कटाव भी हुआ। सड़कों के बंद होने से आवश्यक सेवाओं की आवाजाही बाधित हुई। स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी लगाई है।