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हटाए जा सकते हैं जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल, खंडूरी, वीपी मलिक समेत कई नामों पर चर्चा

Tue, 30 Aug 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
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गवर्नर एनएन वोहरा - फोटो : PTI
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के लिए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे मेजर जनरल (रिटा) बीसी खंडूरी की नाम सामने आया है। खंडूरी फिलहाल पौरी गढ़वाल से सांसद हैं और उनका उत्तराखंड में ठोस जनाधार है।
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सरकार खंडूरी के नाम पर फैसले से पहले उत्तराखंड का राजनीतिक नफा नुकसान तौल रही है। खंडूरी के अलावा सेना के उप प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा) एनएस मलिक और पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल के नाम पर भी विचार किया जा रहा है।

हालांकि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से गुजारिश की है कि सेना के किसी पूर्व अधिकारी को राज्यपाल का पद देने से परहेज किया जाए। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में महबूबा ने कहा है कि सेना की पृष्ठभूमि वाले किसी शख्स को राज्यपाल बनाने से घाटी में गलत  संदेश जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक हालांकि महबूबा को सीधे या परोक्ष रूप से आरएसएस से जुड़े किसी शख्स पर भी आपत्ति है।
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कारगिल युद्ध के दौरान सेना प्रमुख रहे जनरल वीपी मलिक का नाम चर्चा में

जनरल वीपी मलिक - फोटो : File Photo
गौरतलब है कि एनएस मलिक ने 2014 समेत अन्य चुनावी रैलियों में पूर्व सैनिकों को मोदी के पक्ष में एक मंच पर लाने में अहम रोल अदा किया था। दूसरी तरफ अनिल बैजल ने गृह सचिव रहते हुए कश्मीर नीति पर काफी काम किया था।

वह आरएसएस का थिंक टैंक माने जाने वाले विवेकानंद फाउंडेशन से भी जुड़े रहे हैं। इस फाउंडेशन से जुड़े कई शख्स मोदी सरकार में अहम ओहदों पर हैं। राज्य में 2008 से   राज्यपाल के पद पर कार्यरत एन एन वोहरा ने केंद्र से पद से मुक्ति की गुजारिश कर रखी है।

सूत्रों के मुताबिक हालांकि कश्मीर स्थित 15 कोर के कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा) अता हसनैन और कारगिल युद्ध के दौरान सेना प्रमुख रहे जनरल वीपी मलिक का नाम भी राज्यपाल पद के लिए चर्चा में है।
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