सेना की विशेष फोर्स के एलीट कमांडो लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी को देश के सर्वोच्च शांतिकाल वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। पिछले साल कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपने दो सहयोगियों की जान बचाते हुए उन्होंने शहादत पाई थी।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के हफरुदा जंगल में आतंकियों और सेना के बीच दो सितंबर 2015 को मुठभेड़ हुई थी, जिसमें गोस्वामी भी थे। भीषण में उनके दो साथी घायल हो गए, जिन्हें गोस्वामी ने जान की परवाह किए बिना वहां से बचाया।
इस दौरान न सिर्फ गोस्वामी स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए, बल्कि इस वीर कमांडो ने दो आतंकियों को भी मार गिराया। बाद में गोस्वामी ने भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद होने से पहले दस दिनों के भीतर कमांडो गोस्वामी ने दो मुख्य ऑपरेशनों में भाग लिया और 10 आतंकियों को मार गिराया। कुपवाड़ा मुठभेड़ में 9 पारा के सूबेदार महिंदर सिंह और सिपाही जगदीश चंद को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया।