राजोरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप नौशेरा क्षेत्र में बुधवार को पाकिस्तान से घुसपैठ कर दाखिल हुए आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद हो गए। तीन आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेर रखा है। घुसपैठ के बाद तीन संदिग्ध देखे जाने की सूचना पर मंगलवार से ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया था।
शहीद जवानों की शिनाख्त राइफलमैन अर्जुन थापा मागर (25) निवासी गोरखा-नेपाल तथा नायक संदीप सावंत रघुनाथ (29) निवासी सतारा-महाराष्ट्र के रूप में हुई है। दोनों शहीदों के शव नौशेरा अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद राजोरी भेजे गए हैं। यहां श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव शरीर पैतृक आवास भेजे जाएंगे।
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने कलाल से सटे दराट-मंगलादेई क्षेत्र में तीन संदिग्धों को देखा था। सूचना मिलने पर सेना तथा पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जाने लगी। देर शाम तक आतंकियों का कोई सुराग नहीं लगा। इस बीच बुधवार को घेरा सख्त होता देख छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस बीच आतंकियों की गोली लगने से अर्जुन तथा संदीप घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस बीच गोलीबारी से बचते हुए आतंकी इलाके में मौजूद एक गुफानुमा स्थान पर छिप गए। पूरे इलाके को घेर कर रखा गया है। सैन्य प्रवक्ता कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि नौशेरा सेक्टर में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान सेना के दो जवान शहीद हो गए। अभियान अब भी चल रहा है। संदिग्ध आतंकियों की सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
उत्तरी कश्मीर में रास्ते बंद होने से नौशेरा को चुना
पाकिस्तान की ओर से पिछले कई दिनों से आतंकियों को सीमा पार धकेलने की लगातार कोशिशें चल रही हैं। इन्हें घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर उल्लंघन की आड़ में कवर फायर भी दिया जा रहा है। उत्तरी कश्मीर में बर्फबारी के चलते घुसपैठ के रास्ते बंद हो जाने के बाद नौशेरा सेक्टर को चुना गया है।