केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में पहली बार हो रहे डीडीसी चुनाव में कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को विपक्षी दल भुनाने में जुटे हैं। थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था के तहत हो रहे चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं और गांवों में किसानों से जुड़े इस मुद्दे को गरमाने का प्रयास विपक्षी दल कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश में अभी तक किसान आंदोलन का कोई ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला है। वहीं रोशनी एक्ट के तहत हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंडल प्रशासन की तरफ से प्रतिदिन लाभार्थियों के प्रदर्शित किए जा रहे नामों का मुद्दा भी चुनाव में मुद्दा बना हुआ है।