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जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनावः दो पूर्व शिक्षा मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर, पत्नियां आमने-सामने

Fri, 11 Dec 2020 10:53 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के पांचवें चरण में जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व शिक्षा मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। डोडा जिले की गुंदना सीट से भाजपा की टिकट पर पूर्व शिक्षा मंत्री शक्ति परिहार चुनाव मैदान में हैं। शक्ति परिहार पूर्व विधायक भी हैं और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का पदभार भी संभाल रहे हैं।

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इसके अलावा उधमपुर जिले की खून सीट पर पूर्व शिक्षा मंत्री और जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह की पत्नी मंजू सिंह चुनाव मैदान में हैं। यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होने की वजह से हर्षदेव सिंह ने अपनी पत्नी को चुनाव में उतारा है।

यह क्षेत्र रामनगर विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र से हर्ष देव सिंह करीब तीन बार विधायक रह चुके हैं, हालांकि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा उम्मीदवार रहे आरएस पठानिया से हार गए थे। भाजपा ने इस बार खून सीट से जूही मन्हास को उम्मीदवार बनाया है। आठ चरणों में होने जा रहे डीडीसी के आगामी तीन चरणों के चुनाव में भी कई पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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किसान आंदोलन, रोशनी एक्ट भी चुनावी मुद्दा

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में पहली बार हो रहे डीडीसी चुनाव में कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को विपक्षी दल भुनाने में जुटे हैं। थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था के तहत हो रहे चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं और गांवों में किसानों से जुड़े इस मुद्दे को गरमाने का प्रयास विपक्षी दल कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश में अभी तक किसान आंदोलन का कोई ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला है। वहीं रोशनी एक्ट के तहत हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंडल प्रशासन की तरफ से प्रतिदिन लाभार्थियों के प्रदर्शित किए जा रहे नामों का मुद्दा भी चुनाव में मुद्दा बना हुआ है।
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