जम्मू रोप-वे प्रोजेक्ट पर कोरोना महामारी का साया पड़ गया है। पूर्व उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने 27 जुलाई को सेक्शन-2 में बाहु-महामाया रोप-वे लोगों को समर्पित किया था। इसमें पहले 15 दिन लोगों को नि:शुल्क सेवा देने की घोषणा की थी। मगर अनलॉक-4 में मनोरंजन पार्क के लिए कोई अनुमति न मिलने से अभी लोगों को रोप-वे के लिए इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, सेक्शन-1 में पीरखो-महामाया रोपवे को नवंबर तक शुरू करने का लक्ष्य है।
सेक्शन-2 में बाहु-महामाया रोप-वे बनकर तैयार है। इसमें लोगों के लिए रेस्टोरेंट सहित अन्य सुविधाएं हैं। मगर मनोरंजन पार्क श्रेणी में एसओपी जारी न होने के कारण रोप-वे शुरू नहीं किया जा सका। सेक्शन-2 बाहु-महामाया रोप-वे में 474 मीटर और सेक्शन-1 में महामाया-पीरखो 1180 मीटर (1.12 किमी.) रोपवे का निर्माण किया गया है। इसमें सेक्शन-2 में 2 और सेक्शन-1 में 7 टावर हैं।
शहर के प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर से 400 मीटर की दूरी पर स्थित बाहु-महामाया रोपवे में 6 और पीरखो-महामाया रोपवे में 14 केबिन लगाए गए हैं। इसमें प्रत्येक केबिन में एक वक्त में सिर्फ छह लोग बैठ सकते हैं। हालांकि कोरोना महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए इसमें सीमित लोगों को ही बैठने की इजाजत दी जाएगी।
जम्मू कश्मीर में तीस साल बाद शुरू हो रहे रोप-वे प्रोजेक्ट पर 75 करोड़ रुपये की लागत आई है। इससे पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिलेगा। वहीं, सेक्शन-1 में पीरखो-महामाया रोप-वे अंतिम चरण में है, जिसे अक्तूबर के आखिर या नवंबर में शुरू किया जा सकता है। देश में अनलॉक प्रक्रिया की नई गाइडलाइन के तहत जल्द रोप-वे के शुरू होने की उम्मीद है। इसमें प्रदेश के सभी रोप-वे शुरू हो सकते हैं।