फ्लाईओवर बनाया तो सीधा रखते, मोड़ क्यों दिया
केस 1 : डेढ़ माह पहले पटोली की रहने वाली वंदना कुमारी की सड़क हादसे में मौत हो गई। राकेश कुमार ने बताया कि उस रात करीब 10 बजे कार से वह पत्नी वंदना और साली के साथ रिश्तेदार के घर जा रहे थे। थोड़ा स्पीड में भी थे। एकदम से आगे पिलर के पास मवेशी आ गया। कार पिलर से टकराई। वह खुद कार चला रहे थे। कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सबको चोटें आईं, लेकिन वंदना की मौत हो गई। राकेश ने कहा कि समझ में नहीं आता कि जब फ्लाईओवर सीधा बनाया गया। फिर इसको सी टर्न देने की क्या जरूरत थी। अब जो भी कोई जा रहा है, उसे तो यहीं लगेगा कि रोड फ्लाईओवर के सीधे-सीधे ही जाएगी। ऐसे लगता है कि जैसे फ्लाईओवर का डिजाइन कुछ लोगों को लाभ देने के लिए इस तरह से बनाया गया है।
केस 2: 30 अगस्त की रात पिलर से टकराकर दो युवक घायल हो गए। इनमें उदयवाला के 29 वर्षीय रजत मेहरा की मौत हो गई। रजत दोस्त रितिक के साथ अखनूर रोड की तरफ जा रहा था। तभी रात को पिलर से टकराए। रजत की मां गुलशन देवी का कहना है कि पति का पहले ही देहांत हो चुका है। घर में बेटा ही कमा रहा था। मुझे बताया गया कि उस पिलर की वजह से पहले भी एक्सीडेंट हुए हैं। प्रशासन को कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिंए कि भविष्य में हादसों से बचा जा सके। मेरा बेटा तो चला गया, जो वापस नहीं आएगा, लेकिन कुछ उपाय करें कि किसी और मां का बेटा हादसे में न जाए।