अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। अब एप्रन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बुधवार को बिल्डिंग कार्य के लिए निर्माण कंपनी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट भी जारी हुआ। परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2026 रखा गया है। बेलीचराना में पशुपालन विभाग की भूमि अड़चन बन रही थी। इसके बाद विभाग ने भूमि को खाली कर दिया और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को आधिकारिक रूप से भूमि सौंपने जा रहा है। जम्मू एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर 861 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। इसमें सिविल एन्क्लेव और 56,693 स्क्वेयर मीटर में नया टर्मिनल बनेगा। 36 चेक इन काउंटर, छह एयरोब्रिज, एप्रन, 16 सेल्फ चेक-इन कियोस्क, 11 सुरक्षा जांच लेन और 13 कोड सी विमान की पार्किंग के लिए एप्रन बनेगा। इससे जम्मू एयरपोर्ट प्रति वर्ष 40 लाख यात्रियों को संभाल सकेगा। एयरपोर्ट टर्मिनल की नई बिल्डिंग पांच स्टार रेटिंग के तहत होगी। सिविल एन्क्लेव सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे सफर सुगम होगा। साथ ही फ्लाइट की संख्या में वृद्धि होगी। वर्तमान में प्रतिदिन 30 से अधिक फ्लाइट का संचालन हो रहा है जो बढ़कर 40 से 45 तक पहुंच जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सभी हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण कर रहा है, जिसमें जम्मू एयरपोर्ट भी शामिल है। इसका प्रस्तावित डिजाइन पहले ही जारी हो चुका है।
जम्मू एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिल्डिंग कार्य के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है। अब एप्रन के लिए टेंडर जारी होगा। दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है।
-एसके गर्ग, निदेशक एयरपोर्ट जम्मू