विस्तारीकरण के प्रोजेक्ट अधर में लटकने से जम्मू एयरपोर्ट यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है। डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) के नियमों के अनुसार एयरपोर्ट पर 9000 फुट की हवाई पट्टी की दरकार है।
वर्तमान में जम्मू एयरपोर्ट पर 6770 फुट की ही पट्टी से काम चलाया जा रहा है। इस वजह से 150 यात्रियों वाले विमान को उतारते समय दुर्घटना की आशंका रहती है।
इसके अलावा जम्मू एयरपोर्ट पर विमान की आपात लैंडिंग तक नहीं करवाई जा सकती। केंद्रीय नागरिक उड्डयन, पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा का कहना है कि केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शुक्रवार को जब वह जम्मू एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो वहां की हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई।
डा. महेश शर्मा ने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी कम होने के कारण 150 यात्रियों वाले विमान को सुरक्षित उतारने में काफी सतर्कता बरतनी पड़ती है।