उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की आड़ में लंबे समय तक महिलाओं व बेटियों के साथ भेदभाव किया गया। उन्हें अधिकारों से वंचित रखा गया। पांच अगस्त 2019 को 370 हटाकर महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण व समान अवसरों की बाधा को खत्म कर दिया गया है।
यह दिन जम्मू कश्मीर में महिला सशक्तीकरण के लिए सबसे ऐतिहासिक दिन था। अब महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। नारी शक्ति पर गर्व है। शिक्षा से उद्यमिता तक, आईटी से कृषि क्षेत्र तक, खेल से विज्ञान तक वह अपनी सफलता की कहानियां लिख रही हैं। वह कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय महिला आयोग के सेलिब्रीटिंग इंस्पिरेशनल वुमेन विषय पर आयोजित कार्यक्रम तू बोल को संबोधित कर रहे थे।
उप राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च से पहले अपनी प्रेरणादायक यात्रा को साझा करने के लिए सफल महिलाओं को एक साथ लाने के राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज नारी शक्ति हमारी विकास यात्रा में सबसे आगे है और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन लैंगिक समानता और समानता का समर्थन करने के लिए अटूट समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में महिलाएं पुरुषों से बेहतर कर रही हैं। होम स्टे योजना के तहत 63 फीसदी महिलाएं होम स्टे चला रही हैं। गत 24 जनवरी को 92500 युवाओं को मुद्रा योजना के तहत 1373 करोड़ का लोन दिया गया जिसमें 38 हजार महिलाएं थीं। चार वर्ष में स्वयंसेवी सहायता समूहों से आठ लाख महिलाएं जुड़ी हैं, जो जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने केंद्र तथा प्रदेश सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गिनाया। कार्यक्रम में मंडलायुक्त रमेश कुमार, एडीजीपी आनंद जैन, राष्ट्रीय महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर के अधिकारी, सफल महिलाएं और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
नारी शक्ति को प्रतिकार करना नहीं छोड़ना होगा
उप राज्यपाल ने कहा कि नारी सशक्तीकरण को केवल प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है, बल्कि सभी को इसके लिए मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिकार करना सबका अधिकार है। जिस दिन प्रतिकार बंद हुआ उस दिन अधिकार बंद हो जाएगा। इस वजह से महिलाओं को प्रतिकार करना होगा।
महिलाएं निडर होकर बोलें : रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने युवा महिलाओं को निडर होकर बोलने के लिए प्रोत्साहित करने, सशक्तीकरण और समानता को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर सफल महिलाओं ने अपने संघर्ष और सफलता की यात्रा की कहानियां साझा कीं और दूसरों को अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।