निजी अस्पताल ने अपने यहां आयुष्मान कार्ड के तहत 200 ईएनटी की सर्जरी दर्शाई हैं, जबकि पूरे प्रदेश में 400 से अधिक ऐसी सर्जरी हुई हैं। ऐसे अस्पतालों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने के लिए राज्य एंटी फ्राॅड यूनिट ने सक्रियता बढ़ाई है।
जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई सेहत योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले 25 निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसमें भारी जुर्माने के साथ अस्पतालों को डी इंपैनलमेंट और ब्लैक लिस्ट करने का प्रावधान है। इन अस्पतालों में ऐसे कई मामले पाए गए हैं, जिनमें आर्थिक लाभ पाने के लिए मरीजों की सर्जरी सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर पैसा लूटा गया है।
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बताया जाता है कि कश्मीर के एक निजी अस्पताल ने अपने यहां आयुष्मान कार्ड के तहत 200 ईएनटी की सर्जरी दर्शाई हैं, जबकि पूरे प्रदेश में 400 से अधिक ऐसी सर्जरी हुई हैं। ऐसे अस्पतालों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने के लिए राज्य एंटी फ्राॅड यूनिट ने सक्रियता बढ़ाई है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार ने सेहत योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि इस बीमा योजना के तहत धोखाधड़ी को शून्य सहिष्णुता बनाया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य निदेशक जम्मू और कश्मीर को अपने अधिकार क्षेत्र में प्रयोगशालाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत रिपोर्टिंग, विश्लेषण में सुधार करने के लिए लाभार्थी फीडबैक प्रणाली, लाभार्थी ऑडिट, टेबल टाॅप ऑडिट अभ्यास और राज्य एंटी फ्राड यूनिट के तहत गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कहा गया है।
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) संजीव गडकर ने बताया कि सेहत योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के 98 प्रतिशत से अधिक परिवारों के पास एक-एक आयुष्मान कार्ड हैं। 83 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड प्राप्त हो चुके हैं। वर्तमान नीति अवधि के दौरान इस योजना के तहत तीन लाख से अधिक उपचार किए गए हैं और अस्पतालों को बीमा दावों के लिए 430 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। सार्वजनिक और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया गया।