जिले में डेंगू के मामलों ने वर्ष 2021 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार शाम तक इनकी संख्या 119 हो गई। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग की डेंगू को रोकने की मौसम से पहले ही शुरू कर दी गईं कोशिशें भी विफल साबित हुईं। इसका जिम्मेदार विभाग लोगों को ही ठहरा रहा है।
विभाग के जिला मलेरिया अफसर का कहना है कि घरों में जमा पानी से डेंगू बेकाबू हुआ है। समझाने के बावजूद लोग जागरूक नहीं हुए। उधमपुर में वर्ष 2021 में डेंगू के कुल 110 मामले सामने आए थे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी।
इससे सबक लेकर विभाग ने वर्ष 2022 में गर्मियां शुरू होने के साथ ही लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था। इसके लिए शहर से एक वाहन भी रवाना किया जो लोगों गांवों में घूमकर लोगों को डेंगू के खतरे से आगाह कर रहा था। कई महीने जागरूकता अभियान चला और डेंगू के मामले भी कम रहे।
अगस्त के अंत तक जिले में डेंगू का केवल एक मामला था। विभाग को लग रहा था कि उनका जागरूकता अभियान कामयाब रहा है और इस बार डेंगू के मामले कम रहेंगे। इसके बाद विभाग ने अपने जागरूकता कार्यक्रम में ढील दे दी और लोग डेंगू के खतरे को आदतानुसार भूल गए।
नतीजतन सितंबर के अंतिम सप्ताह में अचानक से डेंगू बढ़ने लगा। तबसे लगातार डेंगू का डंक लोगों को पीड़ित कर रहा है। वीरवार शाम तक डेंगू के 106 मामले आए थे। वहीं, शुक्रवार को 13 मामले आने पर कुल मामलों की संख्या 119 हो गई। इसी के साथ पिछले वर्ष का रिकॉर्ड भी टूट गया।
घरों के अंदर व बाहर जमा पानी बन रहा डेंगू का मुख्य कारण
विभाग एक बार फिर हरकत में आया है। जिन इलाकों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया टीम उन इलाकों में जांच कर दवा का छिड़काव कर रही है। डेंगू के मामलों का मुख्य कारण घरों के अंदर व बाहर जमा साफ पानी है। तापमान में गिरावट आने के बाद लोगों ने कूलर बंद कर दिए हैं, लेकिन उनकी सफाई नहीं की है।
उनमें भरा पानी ज्यों का त्यों है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। इसी तरह घरों के बाहर ड्रमों में पानी जमा है। टायर, गमले व अन्य चीजों में भी बरसात का पानी मिल रहा है। विभाग की टीम पानी गिराने के साथ दवाई का छिड़काव भी कर रही है, और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही लोगों को पानी जमा होने को लेकर जागरूक करना शुरू कर दिया था। फिर भी लोगों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया, और लापरवाही की। जागरूक होकर ही डेंगू को रोका जा सकता है। विभाग अपनी तरफ से इस पर अंकुश लगाने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। - गोपाल दास, जिला मलेरिया अफसर