पुलिस ने एमएलए हॉस्टल के पास रोके, 19 तक नियमित नहीं करने पर 20 से हड़ताल का किया एलान
10 जिलों के अस्थायी कर्मियों ने हिस्सा लेकर बुलंद की आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों का सोमवार को नियमितीकरण की मांग को सचिवालय का घेराव पुलिस ने विफल कर दिया है। एमएलए हॉस्टल के पास उन्हें रोक दिया। इस दौरान हुए लाठीचार्ज में दो कर्मी घायल हुए हैं। इसके बाद कर्मियों ने पुलिस नाके के पास बैठक कर रोष जताया।
साथ ही 19 मार्च से पहले नियमितीकरण की घोषणा न करने पर 20 मार्च की शाम आठ बजे से 72 घंटे की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। कहा कि इस दौरान पानी की आपूर्ति रोक दी जाएगी। 21 को रैली का आयोजन किया जाएगा।
इससे पहले कर्मचारियों ने एक्सइएन कार्यालय परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें जम्मू संभाग से दस जिलों के जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यालय परिसर, पीएचई भवन की छतों पर कर्मचारी नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन सुबह दस बजे शुरू हुआ और एक बजे कर्मचारियों ने सचिवालय का रुख किया। पहले पुलिस ने उन्हें एक्सईएन कार्यालय के बाहर रोकने की कोशिश की। दोपहर 1:40 बजे सचिवालय घेराव के लिए जा रहे कर्मचारियों को एमएलए हाॅस्टल से 200 मीटर पहले रोक लिया। कुछ कर्मचारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की मगर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
कर्मचारी इस दौरान वहीं पर प्रदर्शन करते रहे। बाद में पुलिस नाके के पास कर्मचारी बैठ गए और विरोध जताया। प्रदर्शन करीब ढाई बजे तक जारी रहा है।
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यह हैं कर्मचारियों की मांगें
- कर्मचारियों को नियमित किया जाए
- 70 माह का मानदेय जारी किया जाए
- यूटी की तर्ज पर दिहाड़ी दी जाए
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कर्मचारी दे रहे 32 वर्षों से सेवाएं : पदाधिकारी
प्रदर्शन में मोर्चा के पदाधिकारी रवि हंस, होशियार सिंह, राजेंद्र सिंह ताज ने कहा कि कर्मचारी 32 सालों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों को 300 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। हर बार प्रदर्शन के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। कर्मचारियों का रिकार्ड कई बार सचिवालय मंगवाया गया। आस थी कि कर्मचारी नियमित होंगे और परिवार का पालन पोषण करेंगे। प्रदेशभर में 32 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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मांगों को लेकर अबतक 993 प्रदर्शन, 70 से ज्यादा लोग घायल
22 जून 2022 को हड़ताल शुरू हुई थी। इसमें प्रदर्शन कर नियमितीकरण की मांग की गई। इसके बाद अभी तक लगभग 993 बार प्रदर्शन किया जा चुका है। आंदोलन में कुल 70 से ज्यादा लोग रैलियों में घायल हो चुके हैं।
अभी तक हो चुकी हैं आठ बड़ी रैलियां
- अस्थायी कर्मचारियों ने पहली अगस्त 2022 को रैली निकाल कर सचिवालय का घेराव किया
- 25 अगस्त 2022 को दो रैलियां की गईं। इसमें शीतली प्लांट को बंद रखा व दूसरा बस स्टैंड में यातायात रोका गया
- 17 अक्तूबर 2022 को कंपनी बाग बंद किया। इससे पूरे शहर में आपूर्ति बाधित रही
- 08 मार्च 2023 को बीजेपी कार्यालय का घेराव किया
- 22 जून 2023 को सचिवालय का घेराव किया
- 04 अक्तूबर 2023 को तवी पुल तक रैली निकाली
- 28 जून 2024 को बीसी रोड को बंद किया
- 05 अक्तूबर 2024 को कंपनी बाग बंद किया।