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अब जेल में आतंकियों और अपराधियों की सांठ-गांठ रोकेगी ई-मुलाकात, इस वजह से खड़े हुए कई सवाल

Tue, 14 Apr 2020 01:21 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू संभाग में आरएस पुरा के चकरोई से पकड़े गए जैश के मददगार के कोट भलवाल की जेल में बंद आतंकियों और अपराधियों से लिंक ने जेल विभाग की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सामने आया है कि आतंकी जेल के अंदर से ही अपना नेटवर्क चला रहे हैं। उधर, जेल विभाग के डीआईजी एसएस लोन का दावा है कि अब यह भविष्य में बिल्कुल खत्म हो जाएगा। 19 मार्च से विभाग ने जेलों में ई-मुलाकात शुरू कर दी है। जिसका असर देखने को मिलेगा।

लोन का कहना है कि आरएस पुरा से पकड़ा गया जैश का मददगार जेल से छूटे अपराधी से बाहर ही मिला था। रही बात जेल से मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिलने की तो इसकी जांच चल रही है। जो कोई भी इसमें शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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इसमें कोई दो राय नहीं कि जब कैदियों को कहीं पेशी के लिए कोर्ट ले जाना होता था या फिर कैदियों से मिलने उनका कोई रिश्तेदार आता था तो यह लोग सांठ-गांठ कर लेते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कैदियों की पेशी वीडियो कॉलिंग से हो रही है।

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