प्रदेश की उच्च शिक्षा में सुधार देखने को मिल रहा है। उच्च शिक्षा में प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीआईआर) राष्ट्रीय औसत से 5.3 प्रतिशत अधिक है। प्रति लाख जनसंख्या पर 18 से 23 आयुवर्ग पर कालेजों की संख्या 26 है। हालांकि जीआईआर और कॉलेज की संख्या के मामले में अपने पड़ोसी राज्य पंजाब और हिमाचल से काफी पीछे है।
शिक्षा मंत्रालय ने ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) की 2019-20 की रिपोर्ट जारी की है। 2018-19 की की रिपोर्ट पिछले वर्ष जारी हुई थी, जिसमें जीआईआर 30.9 था जो इस बार जारी रिपोर्ट यानी 2019-2020 में बढ़कर 32.4 हो गया है, यानी 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
छात्रों का अनुपात 31.7 है जबकि छात्रा का 32.2 है, यानी की लड़कों से ज्यादा लड़कियां उच्च शिक्षा की तरफ बढ़ रही है। उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति के बच्चों का कुल अनुपात 20.3 है। इसमें छात्रों का 17.3, छात्राओं का 23.6 अनुपात है। अनुसूचित जनजाति कुल अनुपात 31.1 है, जिसमें 23.0 छात्र और 19.2 छात्राएं है।