जम्मू कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा में तैनात संतरियों को स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। घाटी में पिछले दिनों पुलिसकर्मियों से राइफल स्नैचिंग की तमाम वारदातों के के बाद यह फैसला लिया गया है। दरअसल कई घटनाओं के समय पुलिसकर्मी अपने मोबाइल में व्यस्थ थे जब इस प्रकार की वारदात हुई।
जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी एके चौधरी ने निर्देश जारी करते हुए संतरियों के स्मार्ट फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। एडीजी के मुताबिक जांच में पता चला है कि ड्यूटी के वक्त पुलिसकर्मी अपने फोन में व्यस्थ होते हैं जिस कारण से इस प्रकार की वारदात में इजाफा हुआ है।
सुरक्षा को सुनश्चित करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को और सतर्क रहने का निर्देश दे दिया गया है। आर्डर में कहा गया है कि इस प्रवृत्ति ने न केवल पुलिस संगठन की छवि को कम किया बल्कि जवान की व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ भी समझौता किया है।
इसके साथ ही सभी संतरी, विशेष रूप से जो गार्ड ड्यूटी पर तैनात होगा बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने और अपने हथियारों को अपने बेल्ट के साथ सही तरीके से चेन से बांध के रखने का भी आदेश दिया है। सभी गार्ड को अलार्म सिस्टम प्रदान किया जाएगा।
आर्डर के अनुसार यूनिट ड्यूटी अधिकारियों को सभी कंपनी कमांडरों से प्रति घंटा की स्थिति रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जेकेएपी/आईआर बटालियनों और संबंधित पर्यवेक्षी अधिकारियों के सभी कमांडेंटों को दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
यह निर्देश सोपोर में भाजपा नेता के घर से हथियारों सहित फरार एसपीओ की घटना के एक दिन बाद जारी किये गए हैं।गौरतलब है कि रमजान के दूसरे दिन ही आतंकियों ने पुलिस संतरी की पोस्ट पर हमला कर तीन राइफल लेकर फरार हो गए थे।