जम्मू के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति अजमीर सिंह को पत्नी से दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया क्योंकि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत पर्याप्त नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि संदेह सबूत की जगह नहीं ले सकता, चाहे कितना बलवान हो।
पत्नी से दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू ने मीरां साहिब के रहने वाले आरोपी अजमीर सिंह को आरोपों से मुक्त कर दिया। पुलिस की ओर से मामले में पेश की गई चार्जशीट को खारिज कर दिया। सत्र न्यायाधीश अमरजीत सिंह लंगेह ने कहा कि संदेह कितना भी मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता। अभियोजन पक्ष का मामला शिकायतकर्ता और उसके पति के बीच वैवाहिक झगड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के अलावा और कुछ नहीं है।
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मामले के अनुसार, वर्ष 2020 में अजमीर की पत्नी ने पुलिस थाना मीरां साहिब में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उससे तलाक लिए बिना पति ने दूसरी शादी कर ली। एक दिन जब वह मायके में थी, तो पति टोका लेकर वहां आया। उसे गालियां दीं। उसके साथ दुष्कर्म किया। दलीलें सुनने के बाद जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपी को दोषी ठहराने के लिए अपर्याप्त हैं। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य से पता चलता है कि शिकायतकर्ता ने अपने पति के खिलाफ तनावपूर्ण वैवाहिक संबंधों के चलते एफआईआर दर्ज कराई।