रियासत में सरकार गठन से ठीक एक दिन पहले रियासत को ‘बजट तोहफा’ मिलने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि चूंकि रियासत में पहली बार भाजपा सरकार में शामिल हो रही है, ऐसे में केंद्र की विशेष कृपा होने की संभावना है।
रियासत के आर्थिक विशेषज्ञ शकील कलंदर की माने तो वित्त मंत्री अरुण जेटली रियासत की जरूरतों को भलीभांति समझते हैं और अपनी (भाजपा) सरकार के लिए वह अपने पिटारे को दरियादिली के साथ अवश्य खोलेंगे। केंद्र ने भले ही राजस्व में राज्यों की भागीदारी 32 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दी है।
14वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर रियासत को अगले पांच साल में 60 हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा हुई है, लेकिन रियासत में आई बाढ़ आपदा के लिए सरकार ने 44 हजार करोड़ रुपये का जो विशेष पैकेज मांगा है, वह बजट में घोषित किया जा सकता है। इससे सार्वजनिक ढांचे का निर्माण होगा, जो बाढ़ में बुरी तरह ध्वस्त हो चुका है।