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जम्मू-कश्मीर: अभी तक नहीं किया जा सका पुस्तकालयों को डिजिटल, चार साल से चल रही कवायद

Wed, 16 Jun 2021 12:13 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

पुस्तकालयों के डिजिटल नहीं हो पाने के चलते बच्चे ऑनलाइन किताबें नहीं पढ़ पा रहे हैं। यह कवायद 2017 में शुरू की गई थी।
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर पुस्तकालय और अनुसंधान विभाग द्वारा जिला पुस्तकालयों को डिजिटल करने की कवायद ठंडे बस्ते में है। 2017 में शुरू हुई कवायद अभी तक पूरी नहीं हुई है। पुस्तकालयों को डिजिटल करने की कवायद में श्रीनगर स्थित श्री प्रताप सिंह लाइब्रेरी और जम्मू की एसआरएस सेंट्रल लाइब्रेरी को ही डिजिटल किया गया है, जिसमें सिर्फ किताबों की सूची मिलेगी, लेकिन उसे घर बैठे ऑनलाइन मोड पर पढ़ नहीं सकते।  
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कोविड महामारी में शैक्षणिक संस्थान और लाइब्रेरी बंद हैं, ऐसे में बच्चें घर बैठ कर ही पढ़ाई कर रहे हैं। प्रदेश की लाइब्रेरी का डिजिटल मोड पर नहीं होने से बच्चे यहां उपलब्ध पुस्तकों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। लाइब्रेरी विभाग के निदेशक मोहम्मद रफी ने कहा कि नेशनल लाइब्रेरी के साथ प्रदेश की लाइब्रेरी का लिंक किया जाने की कवायद चल रही है, ताकि बच्चे ऑनलाइन पुस्तकों को एक्सेस कर पाएं।

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उन्होंने कहा कि विभाग में स्टाफ की कमी के कारण जिला लाइब्रेरी का डिजिटलीकरण नहीं हो पाया है। हमने विभाग में खाली पदों को जेकेएसएसबी को रेफर किया है, जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इसके साथ जिला लाइब्रेरी को आपस में इंटर कनेक्ट किया जाएगा।
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