बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन का निर्माण तीन चरणों में होगा। इसकी लंबाई 465 किलोमीटर होगी। रेलवे ट्रैक अलाइनमेंट (सेंटर सर्वे) करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि 20 जनवरी से बिलासपुर के बैरी से उनकी टीम ने बुर्जियां लगाने का कार्य शुरू किया है। मनाली होते हुए यह कार्य लेह तक किया जाएगा।
सैटेलाइट के माध्यम से पूर्व में हुए सर्वे के आधार पर ही चिह्नित स्थान पर बुर्जियों को लगाया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी अपने साथ सीमेंट की बुर्जियां लेकर आए हैं। बिलासपुर से लेह रेलवे ट्रैक सामरिक दृष्टि से भी अहम रहेगा। इस ट्रैक से पड़ोसी देश चीन की सीमा तक पहुंचना आसान होगा। इस रेल लाइन पर हर मौसम में रेलगाड़ी दौड़ेगी।
बर्फ भी रेलगाड़ी की आवाजाही नहीं रोक पाएगी। भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में हर समय स्नो कटर मौजूद रहेंगे। उत्तरी रेलवे जम्मू-कश्मीर रेलवे ट्रैक पर स्नो कटर का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रहा है। बल्ह घाटी के बैहना में करीब पांच साल पहले भी रेलवे ट्रैक के लिए बुर्जियां लगाई थीं लेकिन इसके बाद कार्य बंद हो गया था।
सांसद कंगना ने दिसंबर में उठाया था मुद्दादिसंबर में मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत ने संसद में रेलवेज अमेंडमेंट बिल 2024 का समर्थन करते हुए मंडी में रेलगाड़ी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि मंडी क्षेत्र में अभी तक रेलवे का सर्वे नहीं हुआ है। अगर हमारा क्षेत्र दिल्ली, चंडीगढ़ या अंबाला जैसे शहरों से जुड़ता है तो हिमाचल की प्रगति और विकास में सहायता मिलेगी।