फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: सखी का हाथ थामें, संकट में फंसी महिलाओं को मिल रही सुरक्षा; दुष्कर्म और साइबर क्राइम के खिलाफ मजबूत ढाल

Tue, 21 Jan 2025 11:41 AM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

सखी वन स्टॉप सेंटर जम्मू में घरेलू हिंसा, दुष्कर्म और साइबर क्राइम से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सकीय, कानूनी और पुलिस सहायता प्रदान कर 600 से अधिक महिलाओं की मदद कर चुका है।
विज्ञापन
वन स्टॉप सेंटर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसी भी तरह का उत्पीड़न झेल रहीं महिलाओं के लिए सखी यानी कि वन स्टॉप सेंटर, जम्मू संकटमोचक की तरह है। कोई भी महिला यहां संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। सेंटर पीड़ित महिलाओं के रेस्क्यू करने से लेकर उन्हें चिकित्सकीय और विधिक सहायता भी प्रदान करता है। वर्ष 2022 में इसका सेंटर शुरु हुआ, तब से लेकर अब तक 600 से ज्यादा महिलाओं को यहां से मदद मिल चुकी है।

विज्ञापन


मदद के दो उदाहरण
केस 1- रेप पीड़िता को दिया आश्रय, डिलीवरी के बाद भी कर रहे जच्चे-बच्चे की देखभाल
डोडा जिले की रहने वाली एक रेप पीड़िता मदद की गुहार लगाते हुए वन स्टॉप सेंटर, जम्मू पहुंचीं। पीड़िता ने बताया कि वह तीन महीने की गर्भवती है। उसका ख्याल रखने वाला कोई नहीं है। सेंटर ने सबसे पहले उसका मेडिकल चेकअप कराकर उसे आश्रय देने के लिए शेल्टर होम में भेजा। लगातार उसकी देखभाल की। बच्चे की डिलीवरी भी करवाई। बच्चे के जन्म के बाद भी महिला शेल्टर होम में है और सेंटर दोनों की पूरी देखभाल कर रहा है। 

केस 2- जबरदस्ती शादी के लिए घरवालों का उत्पीड़न झेल रही युवती का किया रेस्क्यू
आरएसपुरा इलाके के एक गांव की रहने वाले एक युवती ने वन स्टॉप सेंटर को कॉल किया। युवती ने कॉल पर बताया कि उसके घरवाले उसकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती उसकी शादी कर रहे हैं। मना करने पर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। सूचना मिलते ही तत्काल वन स्टॉप सेंटर की टीम पुलिस को साथ लेकर युवकी के घर पहुंची और उसका रेस्क्यू किया। युवती को कुछ दिनों के लिए अपने पास आश्रय भी दिया। चूंकि युवती बालिग थी, इसलिए कुछ दिनों बाद उसके कहने पर उसे जाने दिया।181 पर करें कॉल, मिलेगी मदद

विज्ञापन

अपनी स्थापना 29 जुलाई, 2022 से लेकर अब तक वन स्टॉप सेंटर ऐसी ही 635 महिलाओं की मदद कर चुका है। कोई भी महिला, किसी भी समय कॉल के माध्यम से या खुद पहुंचकर अपनी शिकायत इन तक पहुंचा सकती है। 181 इनका हेल्पलाइन नंबर है और प्रीत नगर इलाके में सीआरपीएफ मुख्यालय के सामने इनका ऑफिस है। जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके नोडल अफसर और डीसी चेयरपर्सन हैं। 

काउंसलिंग भी करते हैं, जरूरत पर आश्रय भी देते हैं
वन स्टॉप सेंटर, जम्मू की केंद्र व्यवस्थापक पल्लवी शर्मा ने बताया कि सेंटर मुख्य तौर पर पीड़ित महिलाओं को उनकी जरूरत के हिसाब से पांच तरह की सुविधाएं देता है। पीड़िताओं की काउंसलिंग करता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें पुलिस की सहायता उपलब्ध कराता है और कानूनी मदद भी देता है।

चिकित्सा सुविधा भी देता है और अस्थाई तौर पर उन्हें आश्रय यानी कि शेल्टर होम की सुविधा भी प्रदान करता है। यदि किसी को ज्यादा समय के लिए आश्रय चाहिए तो उन्हें सरकारी और गैर लाभकारी संगठनों (एनजीओ) के शेल्टर होम में जगह दिलवाता है। महिलाओं को समर्थ्य बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रहीं सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान करता है। वन स्टॉप सेंटर आपातकालीन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं तक भी तत्काल मदद पहुंचाता है। 
विज्ञापन

घरेलू हिंसा और साइबर क्राइम की शिकायतें सबसे ज्यादापल्लवी शर्मा ने बताया कि उनके उनके पास सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और साइबर क्राइम के आते हैं। इसके अलावा यौन उत्पीड़न, तलाक, विवाहेतर संबंध, ब्लैकमेलिंग, बाल विवाह और संपत्ति से संबंधित विवाद भी आते हैं।

ज्यादातर मामलों में उनका प्रयास होता है कि मसला बातचीत से ही हल हो जाए। फिर जैसी जरूरत होती है, उस तरह से पीड़िताओं की मदद की जाती है। साल 2024 में वन स्टॉप सेंटर ने 354 से ज्यादा महिलाओं की मदद की। इनमें से 48 महिलाओं महिलाओं को पुलिस सहायता, 39 को कानूनी सहायता, 14 को चिकित्सा सहायता, 20 को काउंसलिंग और 26 को आश्रय दिया गया। कई मामलों में वन स्टॉप सेंटर ने आपातकालीन परिस्तिथियों में फंसी महिलाओं का रेस्क्यू किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें