जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं जलमार्ग प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेएलसीएमए) से छह सप्ताह में बफर जोन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा, डल झील संरक्षण को लेकर पिछले 20 वर्ष से निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं जलमार्ग प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेएलसीएमए) से छह सप्ताह में बफर जोन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा, डल झील संरक्षण को लेकर पिछले 20 वर्ष से निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पिछली सुनवाई में भी कहा गया था कि कोर्ट को अब तक उठाए गए कदमों से अवगत कराने के लिए विस्तृत रिपोर्ट दी जाए, लेकिन प्राधिकरण ने रिपोर्ट नहीं दी है। अब एक सप्ताह में बताना होगा कि बफर जोन को लेकर पुनर्विचार करते हुए क्या कदम उठाए गए।
मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे और न्यायाधीश पुनीत गुप्ता ने कहा कि 2002 से जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है। डल झील समेत विभिन्न जलाशयों व जलस्रोतों के संरक्षण और सफाई के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे हैं।
विज्ञापन
डल झील के 200 मीटर दायरे के बफर जोन में निर्माण पर रोक लगाई गई है। संबंधित प्राधिकरण को बताना होगा कि इस वर्जित क्षेत्र के लिए जो योजना बनाई गई है, उसमें क्या कुछ किया गया है।