जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा
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जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को छोड़ अन्य सभी विभागों में 50 फीसदी कर्मचारियों की क्षमता के साथ कामकाज करने का आदेश आगामी चंद दिनों में जारी हो सकता हैं। फिलहाल प्रदेश में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को वर्क फ्राम होम व अन्य स्टाफ को भी जरूरत के हिसाब से न्यूतनम संख्या में बुलाने का आदेश जारी हो चुका हैं।
उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकारी विभागों में पचास फीसदी की क्षमता से कामकाज करवाने के मामले पर चर्चा की हैं। मुख्य सचिव जोकि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष भी हैं।
वह आगामी दिनों में सरकारी विभागों के कर्मचारियों की कार्यालयों में संख्या व कामकाजी घंटों के संबंध में आदेश जारी कर सकते हैं। वहीं जम्मू कश्मीर इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसेन मलिक का कहना हैं कि प्रदेश में सरकार ने केवल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कोरोना काल में राहत प्रदान की हैं।
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अन्य सरकारी विभाग जोकि स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े नहीं हैं। उनमें अभी भी पब्लिक डीलिंग भी हो रही हैं और सौ फीसदी स्टाफ के साथ कामकाज भी हो रहा हैं।इससे कर्मचरियों में भय का माहौल हैं और कई कर्मचारी संक्रमित भी हो रहे हैं। केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर प्रदेश में भी सरकारी विभागों में कर्मचारियों के मामले में पचास फीसदी की क्षमता से ही कामकाज होना चाहिए।