लोकतंत्र के महायज्ञ में अंतिम आहुति से पहले सियासी सेनाओं ने हर अस्त्र आजमा लिए हैं। इस चुनाव में दलबदल ने पूर्व के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। सियासी सेनाओं के कई योद्धाओं ने पाला बदल लिया।
कल तक जिसे सुहाते नहीं थे, इस चुनाव में उसके साथ गलबहियां डाले गरजते नजर आए। बहरहाल जोड़तोड़ का दौर अब समाप्त हो चुका है और फैसला मतदाताओं के हाथ है।
अंतिम चरण में बीस सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। कांग्रेस के पांच मंत्री इस दौर में मैदान में हैं और भाजपा ने कई स्थानों पर नए चेहरों पर दांव लगाया है।
जम्मू, राजोरी और कठुआ की इन बीस सीटों में से 12 पर अभी भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस चार पर है। कठुआ सीट निर्दलीय के कब्जे में है। नेकां के पास दो और पीडीपी के पास एक सीट है।
एक-एक सीट पर दिलचस्प मुकाबला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद भाजपा उत्साहित है। मोदी ने राजोरी, पुंछ, जम्मू, कठुआ और राया मोड़ पर रैलियां की हैं। मोदी की अंतिम रैली जम्मू और बिलावर में हुई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा कहते हैं कि मोदी की लहर चल रही है। इसलिए अंतिम चरण में भाजपा सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद कांग्रेस की सीटें बढ़ने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता भाजपा का सच जान चुके हैं। नेकां और पीडीपी भी इन सीटों पर जोर लगा रही है।
नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राणा नगरोटा से मैदान में है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वहां रैलियां कर जोर लगाया। पीडीपी के संरक्षक मोहम्मद मुफ्ती और अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक-एक सीट पर दौरे किए हैं। मुकाबला दिलचस्प है।
किस-किस में है कांटे की टक्कर
कांग्रेस की ओर से उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पीएचई मंत्री शामलाल शर्मा, आवास मंत्री रमण भल्ला, योजना मंत्री अजय सडोत्रा और सहकारिता राज्य मंत्री मनोहर लाल शर्मा के किस्मत का फैसला इसी चरण में होना है। भाजपा ने अपने कई प्रत्याशी बदल दिए।
विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया को भी टिकट नहीं दिया और उनके बदले जम्मू ईस्ट से राजेश गुप्ता को उतारा। गांधीनगर में पूर्व मेयर कवीन्द्र गुप्ता का कांग्रेसी दिग्गज रमण भल्ला से मुकाबला है। बिलावर में भाजपा के निर्मल सिंह की भिड़ंत कांग्रेसी मंत्री मनोहर लाल से हो रही है।
कांग्रेस ने इस बार वैसे चार लोगों को टिकट दिया जो पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय थे। इसी में जम्मू वेस्ट के सुरेन्द्र सिंह सिंगारी, कालाकोट के अशोक शर्मा, मढ़ के बलवान सिंह, नगरौटा के शिवदेव सिंह और दरहाल के मो. इकबाल मलिक इसी सूची में शामिल हैं। भाजपा ने अपने कुछ विधायकों को टिकट काटकर नए चेहरों पर बाजी खेली है।