8 मई को सांबा सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 45-50 आतंकियों को बीएसएफ ने सटीक और भारी फायरिंग से खदेड़ दिया। बीएसएफ DIG एस.एस. मंड ने बताया कि कार्रवाई में दुश्मन के बंकर तबाह हुए और महिला जवानों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर बहादुरी दिखाई।
बीएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एस.एस. मंड ने कहा कि हमारे बहादुर जवानों ने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी के अनुसार 45-50 लोगों का एक बड़ा आतंकी समूह घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। हमें इसकी पहले से सूचना थी और हम पूरी तरह तैयार थे। 8 मई को हमने उनकी गतिविधियों को पकड़ लिया। वे हमारी ओर बढ़ रहे थे।
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तैयारी पहले से थी, जवाब भी करारा मिला
डीआईजी ने कहा हमने स्थिति का सही आकलन किया और चूंकि हमने पहले ही इसका युद्ध अभ्यास (वॉर गेम) किया हुआ था, हमने उन पर जोरदार बमबारी की उसने भी भारी गोलाबारी की, लेकिन हमने बिल्कुल सटीक और भारी गोलाबारी करके उनका जवाब दिया।
सिर्फ डेढ़ घंटे में खत्म हुआ ऑपरेशन
उन्होंने बताया कि हमारी जवाबी कार्रवाई इतनी जबरदस्त थी कि दुश्मन के सैनिक अपने पोस्ट से भागते हुए नजर आए। पूरी प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे में पूरी हो गई। सैनिकों का मनोबल इस ऑपरेशन के दौरान काफी ऊंचा रहा क्योंकि हमारे अधिकारी भी अग्रिम चौकियों पर मौजूद थे। डीआईजी मंड ने कहा कि हमने दुश्मन की फायरिंग क्षमता को कमजोर कर दिया और उनके बंकरों को नष्ट कर दिया। आज भी हमारे जवान पूरी तरह चौकस और ऊर्जावान हैं। हम अपनी पूरी शक्ति को दस गुना बढ़ाकर प्रतिक्रिया देंगे अगर शत्रु ने फिर से कोई कार्रवाई की।
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महिला जवानों ने दिखाई बहादुरी, निभाई हर जिम्मेदारी बखूबी
उन्होंने बीएसएफ की महिला सैनिकों की सराहना करते हुए कहा हमारी महिला जवानों ने पुरुष जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ड्यूटी निभाई और सभी आदेशों को प्रभावी ढंग से पूरा किया। हमें उन पर गर्व है।