जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की हलचल तेज हो गई है। रविवार को, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की प्रमुख और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार केवल तानाशाही का प्रतीक बन गई है। गाडीगढ़ इलाके में रमण भल्ला के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा में लांबा ने भाजपा के राष्ट्रवाद को नकली करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने का एक साधन है।
लांबा ने सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'मोदी सरकार ने विकास, बेरोजगारी और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की है। प्रदेश के लोग पिछले कई वर्षों से तानाशाही सरकार के तहत सबसे बुरे हालात का सामना कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम इस तानाशाही सरकार से आजादी मांगें।' उन्होंने भाजपा के शासन के दौरान जनता के साथ हो रहे विश्वासघात की भी आलोचना की। 'भाजपा सरकार ने केवल चुनावी वादे किए, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया। लोगों को अब अपने अधिकारों के लिए उठ खड़ा होना होगा,' लांबा ने कहा।
सभा में रमण भल्ला ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोच-समझकर अपने प्रतिनिधियों का चयन करें। "लोगों को यह तय करना होगा कि वे किसे अपना प्रतिनिधि बनाना चाहते हैं और कौन वास्तव में उनके हितों की रक्षा कर सकता है। भल्ला ने कहा भाजपा शासन में जनता के साथ विश्वासघात जारी है, और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
इस चुनावी सभा ने जनता के बीच बदलाव की भावना को जगाया। उपस्थित लोगों ने लांबा और भल्ला के विचारों का समर्थन किया, यह दर्शाते हुए कि जम्मू-कश्मीर की जनता अब तानाशाही शासन के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार है। इस तरह, चुनावी माहौल में यह स्पष्ट हो गया है कि जम्मू-कश्मीर के लोग एक नई दिशा की तलाश कर रहे हैं, जिसमें उनकी आवाज सुनी जाए और उनके मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए।