शीतकालीन राजधानी जम्मू से दरबार के अगले छह महीनों के लिए ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में रवानी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मुख्य सचिव इकबाल खांडे ने शुक्रवार को नागरिक सचिवालय में अधिकारियों से बैठक कर दरबार मूव प्रबंधों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी तरह के रिकार्ड को पूरी देखभाल के साथ श्रीनगर सचिवालय पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि दरबार मूव कर्मचारियों व सामान के श्रीनगर शिफ्ट होने तक नेशनल हाइवे पर पारगमन शिविर रहेंगें और यहां पर क्रेनों के अलावा मोबाइल वर्कशाप, मोबाइल मेडिकल टीमें और एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचरियों और आधिकारिक रिकार्ड को जम्मू से श्रीनगर पहुंचाने के लिए सौ से ज्यादा ट्रक और बसों को काम पर लगाया जाएगा।
एसआरटीसी 25 और 26 अप्रैल के अलावा तीन और चार मई को अपने वाहनों को इस काम पर लगाएगी। जम्मू कश्मीर पुलिस को कर्मचारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाने को कहा गया। खांडे ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश जारी किए कि वह मूव दिनों में सूमो और टैक्सी आपरेटरों की ओर से वसूले जाने वाले किराये पर निगरानी रखे। उन्होंने आईटी विभाग को श्रीनगर सचिवालय में इंटरनेट सेवा समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त कश्मीर से कहा कि वह श्रीनगर में सभी कर्मचारी आवासीय कालोनियों का निरीक्षण करें और सुविधाओं खासतौर से साफ सफाई, पेयजल, बिजली, आदि बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करवाये। जम्मू में सचिवालय समेत दरबार मूव कार्यालय 24 अप्रैल को बंद हो जाएंगे और पांच मई को श्रीनगर में खुलेंगे।