विधि एवं न्याय मंत्रालय आपराधिक न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकारी वकीलों की जवाबदेही तय करेगा। श्रीनगर में समीक्षा बैठक के दौरान अदालतों में सरकारी अभियोजन में कमजोर पक्ष के बढ़ते मामलों का कड़ा संज्ञान लेते हुए विधि एवं न्याय मंत्री अब्दुल हक ने कहा कि केस हारने पर सरकारी वकीलों को जवाब देना होगा।
कड़ी कार्रवाई की शुरूआत करते हुए मंत्री ने छह सरकारी वकीलों की सेवाएं बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। बर्खास्त हुए सरकारी वकीलों पर आरोप है कि वे अपने काम को ठीक से अंजाम देने में नाकाम रहे।
हक ने कहा कि सरकारी वकीलों को तमाम तरह की सुविधाएं दी गईं हैं। इसके बावजूद अदालतों में सरकारी पक्ष पिटता जा रहा है। आपराधिक मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने में लगातार नाकामी मिल रही है। इस व्यवस्था को बदले बिना न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करना मुमकिन नहीं है।