पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई राजोरी व पुंछ जिलों में आतंकवाद को बढ़ाने और इसे दोबारा जीवित करने का प्रयास कर रही है। पिछले कुछ महीनों से इन दोनों जिलों में आतंकी हमलों, एलओसी पर घुसपैठ और फिदायीन हमले तेजी से बढ़े हैं। आईएसआई के ऐसा करने की तीन प्रमुख वजह मानी जा रही हैं।
सेना और पुलिस के रिटायर अफसरों का मानना है कि पाकिस्तान को लग रहा है कि कश्मीर में आतंकवाद दम तोड़ रहा है। वहां के लोग अब आतंकियों के साथ नहीं दे रहे। पाकिस्तान जम्मू में आतंकी गतिविधियां बढ़ा कर यह साबित करना चाहता है कि कश्मीर के लोग ही नहीं, बल्कि जम्मू के लोग भी भारत के खिलाफ हैं।
इसके लिए राजोरी पुंछ के युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल करने और वहां आतंकी हमले बढ़ाए जा रहे हैं। पिछले छह महीनों में राजोरी में 5 ग्रेनेड हमले, दो फिदायीन हमले, 6 बार आतंकी घुसपैठ का प्रयास हुआ है। जबकि राजोरी के रहने वाले 4 आतंकी भी दबोचे गए हैं।
दो मुख्य वजह यह हैं
सांबा और कठुआ बाॅर्डर पर आतंकियों की घुसपैठ बहुत कम हुई है। जम्मू में आतंकियों की वारदातें कम हुई हैं। बड़े स्तर पर आतंकियों के हमले विफल हुए, हथियारों की तस्करी रुकी, गोला बारूद बरामद हुआ, आतंकी साजिशें नाकाम हुईं। आतंकियों के पारंपरिक रूट पर घुसपैठ कम हुई है। इसलिए अब राजोरी पुंछ कर रुख कर रहे हैं।
वहां पर जंगल का इलाका अधिक है। दूसरी तरफ पाकिस्तान यह बताना चाहता है कि सिर्फ कश्मीर के लोग ही नहीं, बल्कि राजोरी पुंछ के लोग भी पाकिस्तान के साथ हैं। इसलिए आतंकी वारदातें बढ़ाई जा रही हैं, ताकि संदेश दिया जा सके कि यहां के लोगों के सहयोग से ऐसा हो रहा है।
- वी के साही, रिटायर कर्नल
कश्मीर पर कमजोर पड़ रहा पाकिस्तान
कश्मीर में दम तोड़ रहे आतंकवाद को अब जम्मू संभाग में जिंदा करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई राजोरी और पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियां बढ़ा रही है। पाकिस्तान दुनिया के सामने कश्मीर को लेकर अपना पक्ष नहीं रख पा रहा। साथ ही जम्मू के राजोरी पुंछ की एलओसी पर अधिक घुसपैठ करने का प्रयास कर रहा है, ताकि दहशत पैदा की जा सके। - एसपी वैद, पूर्व डीजीपी, जेके पुलिस