संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। जहां एक तरफ सिंचाई विभाग लंबे-लंबे फीते लेकर इन दिनों नहरों के किनारे विभाग की ज़मीन सुनिश्चित करने में लगा है। वहीं दूसरी ओर नहर की सफाई को भूला बैठा है। बिश्नाह क्षेत्र की नहर की हालत नाले से भी बदतर है।
सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई नहीं कराए जाने का खामियाजा किसान तो भुगत ही रहे हैं, इसका नुकसान कस्बे के लोगों को भी हो रहा है।
नहर में पड़ी गंदगी के चलते क्षेत्र में बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नहर में नालियों का गंदा पानी जमा है। नहर की दयनीय हालत होने के चलते क्षेत्र के लोगों में सिंचाई विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विभाग की अनदेखी के चलते नहर में गंदगी के अंबार लगे हैं। उनका कहना है कि विभाग का कार्य है कि नहर को साफ सुथरा बनाए रखे, परंतु विभाग द्वारा नहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। उनका कहना है कि विभाग में नहर की सफाई के लिए सरकार द्वारा राशि दी जाती है, परंतु विभाग द्वारा नहर की सफाई के लिए कोई कार्य नहीं किया जाता। मात्र सिर्फ नहर में पानी छोड़ने से पहले जेसेबी लगाकर लीपापोती कि जाती है, जिसके चलते किसानों तक नहर का पानी नहीं पहुंचता। इसके चलते किसानों को कर्ज उठाकर खेतों में मज़बूरन मोटर लगवानी पड़ती है।
शाहपुर के अश्वनी कुमार, पवन कुमार, मोहिंदर पाल, सुभाष चंद्र आदि का कहना है कि उन्हें सिंचाई का पानी नहीं मिलता, जिसके चलते उन्हें दिक्क़तों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा नहर की सफाई न कराने के चलते जब नहर में पानी छोड़ा जाता है, तो सारी गंदगी उनके खेतों में चली जाती है, जिसके चलते उन्हें खेत साफ करने पड़ते हैं।