जम्मू कश्मीर राज्य में एहतिसाब आयोग पांच पूर्व मंत्रियों के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहा है। पूर्व मंत्रियों के खिलाफ छह मामलों की जांच में तेजी आई है। आयोग के पास विधायकों और मंत्रियों के खिलाफ 17 मामले लंबित हैं।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर एकाउंटिबलटी एक्ट के प्रावधानों के तहत जांच की वर्तमान स्थिति के दौरान मामलों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। विधानसभा में भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी के रूप में कहा है कि स्टेट विजलेंस आरगेनाइजेशन और विजलेंस कमिशन में वर्तमान किसी विधायक और मंत्री के खिलाफ जांच लंबित नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री स्वर्गीय मंगत राम शर्मा के खिलाफ चल रहे मामले में जांच को अब बंद कर दिया गया है। स्वर्गीय शर्मा स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा मंत्री के अलावा जम्मू कश्मीर खादी ग्रामोद्योग के भी चेयरमैन थे। मामले में कुछ सरकारी कर्मचारी भी आरोपी हैं, उनके खिलाफ मामला लंबित है।
29 मामलों में 47 अफसरों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति
सीएम महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद, पूर्व सहकारिता मंत्री मनोहर लाल शर्मा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुमन लता भगत, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ए जी सोफी और पूर्व मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान के खिलाफ शिकायतें लंबित हैं। मामलों में हाईकोर्ट श्रीनगर के निर्देशों की प्रतीक्षा है। एक मामले में सबूतों को जमा करने का काम चल रहा है।
इसके अलावा विधायकों और मंत्रियों के विरोध में शिकायतों के 74 मामलों का निस्तारण किया गया है। सात मामलों को जांच के बाद निस्तारित किया गया और कुछ मामले प्रारंभिक स्क्रूटनी के बाद निपटाए गए। उत्तर में कहा गया है कि विजलेंस आर्गेनाइजेशन में 2016 में पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अफसरों के खिलाफ 54 मामले दर्ज किए गए।
इससे पहले 2015 में 98, 2014 में 79, और 2013 में 36 मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में 384 गजटेड अफसरों पर आरोप हैं। पिछले साल 118 अफसरों के खिलाफ आरोपों के मामले में विजलेंस संगठन ने सरकार से अभियोजन के लिए अनुमति का प्रस्ताव भेजा।
सरकार ने 29 मामलों में 47 अफसरों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी है। भ्रष्टाचार के मामलों में पिछले साल 29 मुकदमों में 77 अफसरों द्वारा संबंधित कोर्ट में चुनौती दी गई है। पिछले साल कोर्ट ने छह मामलों में 9 लोगों को सजा दी।
मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सूचना आयोग में अपील और शिकायतों के 108 मामले लंबित हैं। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
उच्च समिति की सिफारिश पर गवर्नर नियुक्तियां करेंगे। इसके अलावा विधि आयोग के गठन पर सरकार विचार कर रही है।