18 अक्तूबर के एलएबी-केडीए के मौन मार्च और ब्लैकआउट के आह्वान के बाद शुक्रवार शाम को भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगा दिए थे। इन निवारक उपायों की पूरे केंद्र शासित प्रदेश में व्यापक आलोचना हुई थी।
लेह और कारगिल जिलों में रविवार देर शाम इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं। प्रशासन ने लेह अपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के मौन मार्च के आह्वान के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। दोनों संगठनों की केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक से पहले रविवार शाम सेवाएं बहाल कर दी गईं। दिल्ली में बैठक 22 अक्तूबर को होगी।
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बैठक में लद्दाख की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर मंथन होगा। इनमें राज्य का दर्जा, संवैधानिक सुरक्षा उपाय और प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों में बेहतर प्रतिनिधित्व शामिल हैं। अधिकारियों ने 18 अक्तूबर के एलएबी-केडीए के मौन मार्च और ब्लैकआउट के आह्वान के बाद शुक्रवार शाम को भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगा दिए थे। इन निवारक उपायों की पूरे केंद्र शासित प्रदेश में व्यापक आलोचना हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि आकलन के बाद दोनों जिलों में कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई है। यह निर्णय स्थानीय राजनीतिक निकायों और सामाजिक समूहों द्वारा लद्दाख के संवैधानिक और विकासात्मक मुद्दों पर शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और रचनात्मक भागीदारी का आग्रह करने के बाद लिया गया है।