काव्य-गोष्ठी में आमंत्रित रचनाकार डॉ. कृष्ण कुमार 'नाज', डॉ. ऋषिपाल धीमान 'ऋषि', डॉ. सीमा विजयवर्गीय, डॉ. वेद मित्र शुक्ल, आराधना प्रसाद, मनोज अबोध और नवीन सिंह आदि ने काव्यपाठ किया।
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की तरफ से मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर काव्य-गोष्ठी 'काव्य-कलश' का आयोजन किया गया। काव्य-गोष्ठी के संयोजक हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रसाल सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दी दिवस की पृष्ठभूमि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 'हिन्दी भाषा का विकास होने से ही देश का विकास होगा और देश के सक्षम बनने से देश की भाषा भी सक्षम होगी। साथ ही उन्होंने जी-20 सम्मेलन में भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया।
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काव्य-गोष्ठी में आमंत्रित रचनाकार डॉ. कृष्ण कुमार 'नाज', डॉ. ऋषिपाल धीमान 'ऋषि', डॉ. सीमा विजयवर्गीय, डॉ. वेद मित्र शुक्ल, आराधना प्रसाद, मनोज अबोध और नवीन सिंह आदि ने काव्यपाठ किया। आमंत्रित रचनाकारों ने अपने गीतों-कविताओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इन कविताओं में किसी ने हास्य-व्यंग्य, किसी ने प्रेम-परक कविताएँ तथा किसी ने सामाजिक मुद्दों पर भी अु कहे। काव्य गोष्ठी में श्रोताओं ने भी गीत-गजलों का खूब आनंद उठाया तथा रचनाकारों के साथ गीत और ग़ज़ल गुनगुनाते हुए भरपूर उत्साह के साथ उपस्थित रहे।
वहीं, अमर उजाला, जम्मू-कश्मीर के संपादक रणदीप वशिष्ठ और अमर उजाला, जम्मू- कश्मीर के ब्यूरो चीफ बृजेश कुमार सिंह का भी उपस्थित रहे। अमर उजाला, जम्मू- कश्मीर के ब्यूरो चीफ श्री बृजेश कुमार सिंह ने अमर उजाला द्वारा हो रही पहल 'हिन्दी हैं हम' की चर्चा करते हुए हिन्दी समाचार-पत्रों को पढ़े जाने का सुझाव दिया और कहा कि 'बेशक आप अंग्रेजी पढ़िये और बोलिए किन्तु साथ ही अपनी मातृ भाषा हिन्दी का भी खयाल रखिये और उसे बढ़ावा दीजिये। '
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काव्य-गोष्ठी का सफलतापूर्वक संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सहायक आचार्य डॉ. विनय कुमार शुक्ल ने किया। काव्य-गोष्ठी में डॉ. शशांक शुक्ल, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. रत्नेश यादव सहित विभाग के सभी शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र शामिल रहे।