संग्रहालय स्थापना का उद्देश्य
श्राइन बोर्ड के अनुसार संग्रहालय का उद्देश्य आथ्यात्मिक शिक्षा के साथ मां शक्ति की आध्यात्मिक विरासत को सुनियोजित तरीके से संरक्षित करना है। यह संग्रहालय मां के शक्तिपीठों के एक भंडार के रूप में काम करेगा। प्राचीन परपंराओं और लोक कथाओं को भविष्य के लिए अभिलेखित व संरक्षित किया जाएगा। यहां हर शक्तिपीठ से जुड़ी देवी की अनूठी प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा।
शिक्षा, जागरूकता व पर्यटन का केंद्र
यह संग्रहालय तीर्थयात्रियों को पौराणिक शक्तिपीठों की उत्पत्ति की कहानी के बारे में थ्रीडी मॉडल पर शिक्षित करेगा। उन्हें एक आभासी अनुभव देने की कोशिश की जाएगी। भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना इस केंद्र का उद्देश्य है।
शाश्वत परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण
यह संग्रहालय भक्तों और ज्ञान के जिज्ञासुओं, दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यह विरासत को संरक्षित करने और भारत की शाश्वत परंपराओं को समकालीन तथा वैश्विक रूप से प्रासंगिक तरीके से प्रस्तुत करने के प्रति श्राइन बोर्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर