जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यातायात कुप्रबंधन के चलते जाम की गाज ट्रैफिक पुलिस के तीन अधिकारियों पर गिरी है। डीजीपी ने एसएसपी ट्रैफिक हाईवे, डिप्टी एसपी ट्रैफिक बनिहाल और कुलगाम को अटैच कर दिया है। साथ ही इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
हाईवे पर बनिहाल-काजीगुंड के बीच 20 और 21 जनवरी को भारी जाम की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। डीजीपी एसपी वैद ने एसएसपी हाईवे संजय कुमार कोतवाल, डिप्टी एसपी कुलगाम सफदर हमीद हसन समून और डिप्टी एसपी बनिहाल निहार रंजन को जांच पूरी होने तक डीआईजी दक्षिणी कश्मीर कार्यालय में अटैच कर दिया है।
इनके खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करने को लेकर गंभीर न होने के आरोप की जांच होगी। इस बीच एसएसपी रामबन को एसएसपी ट्रैफिक हाईवे, एसडीपीओ बनिहाल को डिप्टी एसपी ट्रैफिक बनिहाल और एसडीपीओ काजीगुंड को डिप्टी एसपी ट्रैफिक कुलगाम का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।
इस तरह का पहला मामला
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आईजी ट्रैफिक शफकत वट्टाली ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है कि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खास तौर पर जब हाईवे बंद होने के बाद रास्ता खुलता है तो इस दौरान जाम लगने की ज्यादा आशंका रहती है।
बताया जाता है कि पिछले दिनों बर्फबारी होने से जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे बंद हो गया। इस दौरान काजीगुंड और बनिहाल के बीच काफी जाम लग गया। इसकी वजह से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ वीआईपी लोग भी इस जाम में फंसे। इसकी शिकायतें पुलिस के उच्च अधिकारियों तक काफी बड़े स्तर पर पहुंचीं। शिकायतों में कहा गया कि ट्रैफिक पुलिस अधिकारी यातायात प्रबंध सही से नहीं कर पाए।
इस तरह का यह पहला मामला बताया जा रहा है, जब ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों पर कुप्रबंधन की वजह से गाज गिरी हो। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती स्वयं व्यक्तिगत तौर पर बर्फबारी के बाद उत्पन्न स्थिति पर नजदीकी नजर रखे हुए हैं। रास्तों के खुलने, बिजली तथा पानी आपूर्ति सब की वह लगातार निगरानी कर रही हैं।