दिन: शुक्रवार। समय: सुबह के करीब 3 बजे। स्थान: कोटला के समीप भाली। कंपकंपाती ठंड में एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार ढाबे के बाहर आकर रुकती है। इसमें सवार जम्मू के अखनूर निवासी चार नौजवान चाय पीने के लिए उतरे। चाय पीने के कुछ देर बाद कार में सवार होकर चारों दोस्त शिमला के लिए निकल पड़े।
यहां से करीब 100-150 मीटर की दूरी पर मलपुर के पास एक तीखे मोड़ पर उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाली के समीप खाई में लुढ़की स्विफ्ट गाड़ी में सवार तीन युवक हमेशा के लिए काल का ग्रास बन गए।
इनमें से दो युवकों रोहित शर्मा और संदीप सिंह की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक राशू गुप्ता ने शाहपुर अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक युवक पवन कुमार का टांडा मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। पवन कुमार सड़क के किनारे नाले में कार पलटने के बावजूद हिम्मत जुटाकर जख्मी हालत में घटनास्थल से करीब सौ-डेढ़ सौ मीटर पीछे उसी ढाबे पर वापस अपने दोस्तों की मदद के लिए पहुंचा।
लेकिन, जब तक लोग घटनास्थल पर मदद के लिए पहुंचते तब तक काफी देर हो चुकी थी। कुछ पल पहले ढाबे पर कंपकंपाती ठंड में चाय की चुस्कियों के साथ इन दोस्तों की हंसी भी चंद लम्हों में मौत की आगोश में दब गई। घटनास्थल पर तंग सड़क और तीखे मोड़ के चलते इससे पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं।
बावजूद, इसके नेशनल हाईवे विभाग की तरफ से घटनास्थल पर ब्लैक स्पॉट पर न तो कोई पैरापिट बनाए गए और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया जा सका है। फिर भले ही पुलिस इस हादसे के लिए ओवर स्पीड को जिम्मेदार ठहरा रही हो, लेकिन अगर उस जगह पैरापिट लगा होता तो शायद यह बड़ा हादसा होने से टल सकता था।