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Jammu News: महंगाई पर ब्रेक के बावजूद उत्तर भारत में सबसे महंगा जम्मू-कश्मीर

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- अगस्त में प्रदेश की महंगाई दर रही 3.75 फीसदी
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- देशभर में महंगाई के मामले में तीसरे नंबर पर

अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। महंगाई पर कुछ हद तक ब्रेक लगने के बावजूद जम्मू-कश्मीर उत्तर भारत का सबसे महंगा प्रदेश बना हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में प्रदेश की खुदरा महंगाई दर 3.75 फीसदी दर्ज की गई। इसी महीने जम्मू-कश्मीर देशभर में महंगाई के मामले में तीसरे स्थान पर रहा। जुलाई में महंगाई दर 3.77 फीसदी थी और उस समय प्रदेश देश का दूसरा सबसे महंगा राज्य था। यानी जुलाई और अगस्त में दर लगभग समान रही, लेकिन इस बार रैंकिंग में जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर खिसक गया। दोनों महीनों में केरल महंगाई के मामले में सबसे आगे रहा।
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अनाज और सब्जियों पर निर्भरता बनी मुख्य वजह

केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर अनिल कुमार भारती के अनुसार जम्मू-कश्मीर में महंगाई का सबसे बड़ा कारण बाहरी राज्यों पर निर्भरता है। प्रदेश की कुल खपत का लगभग 40 फीसदी अनाज और 30 फीसदी सब्जियां बाहर से आती हैं। बरसात के मौसम में आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ गर्मियों में परिवहन और भंडारण की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर स्थानीय बाजारों पर पड़ता है। प्रोफेसर भारती का कहना है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में सब्जियों का भार सबसे अधिक है। इसलिए इनके दाम बढ़ते ही महंगाई दर तेजी से ऊपर जाती है। यही वजह है कि अगस्त में महंगाई और सीपीआई में और इजाफे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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सीपीआई बढ़ा, रोजमर्रा की चीजें महंगी

महंगाई की गणना सीपीआई के आधार पर की जाती है, जिसमें आटा, चावल, सब्जियां, दूध, दवाएं, ईंधन और किराया जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं शामिल होती हैं। जैसे-जैसे इनकी कीमतें बढ़ती हैं, सीपीआई और महंगाई दर दोनों ऊपर जाते हैं। अगस्त में जम्मू-कश्मीर का सीपीआई 204.1 दर्ज हुआ, जबकि जुलाई में यह 203.5 था।
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इस साल की शुरुआत से खुदरा महंगाई दर

माह
महंगाई दर (%)

जनवरी
4.82

फरवरी
4.28

मार्च
4.00

अप्रैल
4.25

मई
4.55

जून
4.38

जुलाई
3.77

अगस्त
3.75
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