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जम्मू-कश्मीर में इस साल हुई 59 घुसपैठ, अनुच्छेद 370 हटने के बाद पत्थरबाजी के 190 मामले हुए दर्ज

Wed, 18 Dec 2019 06:17 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पत्थरबाजी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की सीमा पर मुस्तैदी का बड़ा फर्क एलओसी से आतंकियों की घुसपैठ पर पड़ा है। इस साल अक्टूबर तक मात्र 59 संदिग्ध घुसपैठ हुई हैं। वहीं पत्थरबाजी की भी घटनाओं में कमी आई है। 

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गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में इस साल अक्टूबर तक 59 संदिग्ध घुसपैठ हुई है। अगस्त महीने में 32, सितंबर में 20 और अक्टूबर में 7 घुसपैठ रिपोर्ट की गई है। 

वहीं पत्थरबाजी की कुल 544 घटनाएं दर्ज हुई हैं। पांच अगस्त के बाद से आठ दिसंबर तक 190 पत्थरबाजी की घटनाएं दर्ज हुई हैं। पिछले साल पथराव की घटनाओं की कुल संख्या 802 थी।

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बॉर्डर पर कम नहीं हुआ बैट का आतंक

पाकिस्तान की बैट टीम की सक्रियता एलओसी पर कम नहीं हुई है। दो बार सर्जिकल स्ट्राइक होने और एयर स्ट्राइक होने के बाद भी बैट टीम लगातार सक्रिय है। वर्ष 2013 में बैट टीम ने पुंछ के मेंढर में एलओसी पर भारतीय जवान हेमराज का सिर काट लिया था। इसके बाद से लगातार बैट राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी पर सक्रिय है।

सूत्रों का कहना है कि सर्दी का मौसम आते ही बैट टीम अधिक सक्रिय हो जाती है। घने कोहरे की आढ़ में बैट टीम हमला करती है। ऐसे ही कई हमलों की प्लानिंग बैट टीम कर रही है। बैट टीम वर्ष 2013 की घटना को दोहराने की नापाक साजिश रच रही है। पुंछ जिले में बैट के हमले करने की अधिक संभावना है। क्योंकि दो बार बैट इस तरह की घटना को अंजाम दे चुकी है।

हालांकि इंटरनेशनल बार्डर पर भी इसकी संभावना को देखकर सतर्कता बढ़ाई गई है। क्योंकि पाकिस्तान की टीम ने सांबा में भी बीएसएफ के एक जवान के साथ इसी तरह की क्रूरता की थी। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पुंछ जिले की एलओसी के बलनोई नाले पर फिर से बैट हमला हो सकता है। उस पार बैठी बैट टीम के सदस्य इस वारदात को अंजाम देने की घात लगाकर बैठे हुए हैं। 
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