उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को पुष्पगुच्छ देते एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन व अन्य स्रोत
- गंग्याल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से मिलकर रखीं मांगें
- पांच साल तक ब्याज में छूट, सरकारी खरीद में स्थानीय उद्योगों को प्राथमिकता और जमीन का मालिकाना हक देने की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नई औद्योगिक नीति में पहले से चल रही छोटी औद्योगिक इकाइयों (एमएसएमई) को राहत देने की मांग उठने लगी है। गंग्याल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने सरकार से शुद्ध एसजीएसटी और सीजीएसटी की राशि वापस करने, माल ढुलाई पर सब्सिडी देने और कारोबार के आधार पर प्रोत्साहन देने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को अध्यक्ष वीरेंद्र जैन के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से मुलाकात कर उद्योगों से जुड़े मुद्दे उठाए।
एसोसिएशन ने मांग की है कि माल ढुलाई पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए दूरी की कोई शर्त न रखी जाए। रोजमर्रा के कामकाज के लिए जरूरी पूंजी पर पांच साल तक पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाए। जो पुरानी इकाइयां अपना उत्पादन बढ़ा रही हैं या नए उत्पाद शुरू कर रही हैं, उन्हें भी एसजीएसटी की राशि वापस करने का लाभ मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने सरकारी विभागों की खरीद में स्थानीय निर्माताओं को पहले की तरह प्राथमिकता देने की मांग की। उसका कहना है कि सरकारी खरीद के लिए जेम पोर्टल पर अधिक निर्भरता से स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को एक बार की राहत के तौर पर पावर एमनेस्टी योजना का लाभ देने की मांग भी रखी। इसके साथ ही उद्योगों को लीज पर दी गई जमीन का मालिकाना हक देने की बात कही।
एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उद्योगों को बढ़ती लागत और दूरी के कारण कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अगर पहले मिल रही रियायतें बंद रहती हैं तो छोटी इकाइयों के लिए काम जारी रखना मुश्किल हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक जैन, उपाध्यक्ष अजय कुमार महाजन, महासचिव संजय लंगर, सचिव जतिंदर सिंह और कोषाध्यक्ष विशाल गुप्ता शामिल रहे।