अगले महीने के अंत में इस्लामाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल संसदीय एसोसिएशन (सीपीए) की सालाना कांफ्रेंस को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न गतिरोध जस का तस बना हुआ है। दोनों ही देश अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
भारत जहां इस कांफ्रेंस में जम्मू और कश्मीर विधानसभा स्पीकर को आमंत्रित किए जाने या फिर कांफ्रेंस को इस्लामाबाद से किसी अन्य देश ले जाने पर जोर दे रहा है, वहीं पाक का कहना है कि वह जेएंडके के स्पीकर को कांफ्रेंस में नहीं बुलाएगा और भारत चाहे तो बैठक का बहिष्कार कर सकता है।
पाक के रवैये के खिलाफ सीपीए चेयरपर्सन को लिखे पत्र में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस गतिरोध का तत्काल समाधान निकालने को कहा है। साथ ही कहा कि बैठक में जम्मू और कश्मीर विधानसभा के स्पीकर को आमंत्रित किया जाए वरना भारत इस्लामाबाद में होने वाली सालाना बैठक का बहिष्कार करेगा।