देश को मुसलमानों के लिए सबसे महफूज करार देते हुए रजा मुराद ने कहा कि कोई कुछ भी कहे, लेकिन मुसलमानों के लिए हिंदुस्तान से बेहतर देश कोई नहीं है।
देश में असहिष्णुता पर छिड़ी बहस में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि सिलसिलेवार यदि दिल के अजीज अवार्ड लौटाए जा रहे हैं तो इसमें कुछ तो दर्द छिपा हुआ है।
नरेंद्र मोदी को सकारात्मक सोच वाले प्रधानमंत्री करार देते हुए रजा मुराद ने कहा कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग जहरीले बयान दे रहे हैं। जहरीले बयान भी आतंकवाद का एक रूप हैं।
केंद्रीय सरकार देश और सरकार की छवि खराब करने वाले तत्वों पर लगाम लगाने में विफल साबित हो रही है। सरकार का मतलब एसी रूम से बयान देने और सुर्खियों में रहना भर नहीं है। जमीनी स्तर पर भी नतीजे सामने आना जरूरी है।
भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता के माहौल पर उन्होंने कहा कि बातचीत ही एकमात्र हल है। जंग अपने आप में मसला है। भारत ने हर लिहाज से बड़प्पन दिखाया है।