मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को आपस में बातचीत के जरिये विवादों का हल करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन लाना चाहते हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर ऐसा राज्य है, जहां हमारी मर्जी के बिना कुछ नहीं हो सकता। राज्य को विशेष अधिकार प्राप्त है और जब तक राज्य की विधानसभा किसी चीज की सहमति नहीं देती, तब तक किसी भी चीज में बदलाव नहीं लाया जा सकता।
चाहे हिंदुस्तान की पार्लियामेंट में कोई भी कानून पास हो जाए, लेकिन हमारी मर्जी है कि हम उसे लागू करें या न करें। मुफ्ती ने बंदूक से न गोली से, बात बनेगी बोली से को दोहराते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने वर्ष 2002 से अब तक चुनावों में रिकार्ड संख्या में मत का इस्तेमाल किया। यह साबित करता है कि वोट में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहते हुए गर्व महसूस होता है कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हुए संघर्ष में जम्मू-कश्मीर भी एक हिस्सा था।
स्वतंत्रता संग्राम में किसानों और समाज के सबसे पिछड़े लोगों के संघर्ष का ही नतीजा है कि आज यहां जम्हूरियत है। इससे पूर्व उन्होंने पुराने शहर के नौहट्टा में नक्शबंद साहब जियारत परिसर में मजार पर पुष्पचक्र और फूल मालाएं चढ़ाईं। राज्य पुलिस के एक दस्ते ने सलामी भी दी। इस मौके पर पीडीपी के मंत्री और नेता मौजूद थे।