भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई की तैयारी
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एलओसी पर भारतीय जवानों से बर्बरता के बाद सेना आक्रोशित है। सूत्रों का कहना है कि राजोरी और पुंछ जिले में तैनात सेना के अधिकारियों को छूट दे दी गई है। वह जब चाहे, जहां चाहे, मौका मिलते ही किसी भी तरह की कार्रवाई कर सकते हैं। वह किसी के आदेश के मोहताज नहीं होंगे। एलओसी की कमान संभालने वाले सीओ स्तर के अधिकारियों को फ्री हैंड कर दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सैनिकों से निपटने के लिए सेना अब अलग रणनीति से काम करेगी, जिसमें सेना का नुकसान न हो और दुश्मन को भी मुंहतोड़ जवाब दें। सेना को दी गई छूट से साफ है कि पाक को उसके घर में घुसकर मारने की तैयारी कर ली गई है। जिस तरह से पहले सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था।
एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की तरफ इशारा हो रहा है। पहले भी कृष्णा घाटी में ही सर्जिकल स्ट्राइक हुआ था। चार साल में दो बार कृष्णा घाटी में बैट टीम ने हमला कर चार भारतीय जवानों के सिर काट दिए। इस पर सेना में खून खोल रहा है। जवानों से कहा गया है कि वह पहले खुद को बचाएं और फिर मौका मिलते ही दुश्मन को मौत के घाट उतार दें।
बैट हमले में शामिल थे 8 लोग
बैट हमले में शामिल थे 8 लोग
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सूत्रों का कहना है कि जवानों पर हमला करने वाले बैट हमले में आठ लोग थे। इसमें लश्कर, जैश ए मोहम्मद, पाकिस्तानी सैनिक और कसाई था। लेकिन जवानों के साथ बर्बरता पाक सैनिकों ने की। पाक सैनिकों को अब जवाब भारतीय सेना की तरफ से उसी की भाषा में दिया जाएगा।
बैट हमले के बाद राजोरी, पुंछ, बारामूला, कुपवाड़ा की एलओसी पर हाई अलर्ट कर दिया गया है। जवानों को अति सतर्क होकर रहने के आदेश दिए गए हैं। भारत की अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से भी कहा गया है कि पाक की तरफ से किसी भी समय फायरिंग शुरू हो सकती है। साथ ही जवानों को विशेष तौर पर स्नाइपर से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।