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स्वतंत्रता दिवस: बार्डर पर सुरक्षाबलों ने बढ़ाई चौकसी, आधुनिक हथियारों से लैस सीमा प्रहरी

Sun, 14 Aug 2022 05:21 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

 आधुनिक हथियारों से लैस भारतीय जवान सतर्कता के स्तर को बढ़ाने के लिए अब आंखों पर पट्टी बांध आवाज पर सटीक निशाना साधने का परीक्षण हासिल कर रहे हैं।
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loc - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी खलल न डाल सकें, इसके लिए सेना व बीएसएफ ने बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी है। भले ही पाकिस्तान ने समझौते के तहत सीमा पर गोलाबारी बंद कर रखी है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए पड़ोसी मुलक लगातार नापाक साजिशें रच रहा है। आधुनिक उपकरणों व हथियारों से दुश्मनों का सफाया करने को भारतीय सेना तैयार बैठी है। 

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आभासी वास्तविकता प्रशिक्षण प्रणाली के तहत दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है, जिसको नाम दिया गया है- संजय। यह नाम महाभारत से लिया गया है, क्योंकि जिस प्रकार महाभारत का युद्ध संजय ने युद्ध भूमि में बिना गए देखा था। उसी प्रकार इस यंत्र से भी युद्ध भूमि में गए सब कुछ देखा जा सकता है कि वहां पर क्या हो रहा है। इसका प्रयोग घुसपैठ पर नजर रखने और रात के समय ड्रोन की गतिविधियों को रोकने के लिए भी किया जा रहा है।
 
आधुनिक हथियारों से लैस भारतीय जवान सतर्कता के स्तर को बढ़ाने के लिए अब आंखों पर पट्टी बांध आवाज पर सटीक निशाना साधने का परीक्षण हासिल कर रहे हैं। भारतीय सेना के शार्पशूटर सीमा पार अंधेरे की आड़ में पाकिस्तान पर मास्क प्रहार करने के लिए तैयार बैठे हैं। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की मदद से अभी भी बड़ी संख्या में आतंकवादी गुलाम कश्मीर से इस तरफ घुसपैठ करने के लिए मौके तलाश रहे हैं। सरहद पर दुश्मन कभी धुंध, तो कभी अंधेर और कभी सरकंडे की आड़ में घुसपैठ कर नापाक हरकतों को अंजाम देता है, लेकिन हर बार उनको मुंह की खानी पड़ती है। 
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आंखों पर पट्टी बांध निशाना साध रहे जवान

आधुनिक हथियारों में इस समय भारतीय सेना के पास फिनलैंड में निर्मित साको स्नाइपर राइफल, इजराइल में निर्मित नेगेव एलएमजी और अमरीका की सिग फायर जैसी राइफलें हैं। भारतीय जवान सीमा पर चुनौतियों का सामना करने के लिए इन हथियारों से स्टीक लक्ष्य भेदने के लिए प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। प्रशिक्षण में जवानों की आंखों पर पट्टी बांधकर टारगेट पर निशाना साधा जा रहा है। 

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