मौसम के बदले मिजाज से ठंड में इजाफा हुआ है। कई खड्ड और नाले भी उफान पर आ गए हैं। चिनाब दरिया का जलस्तर भी बढ़ गया है। बारिश का असर स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर भी पड़ा। सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या भी अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही। आवागमन पर भी खासा असर देखा गया। फसलों पर भी मौसम की मार पड़ी है। किसान संसार चंद ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए बारिश नुकसानदेह है।
हर तरफ बढ़ी हादसों की आशंका-
लगातार हो रही बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। खासकर कच्चे मकानों पर। सोमवार को वार्ड पांच में एक कच्चे मकान की छत गिर गई। राहत की बात यह रही कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। बारिश की झड़ी से हादसे होने की आशंका बनने लगी है। सोमवार को वार्ड पांच में कच्चे मकान पर बारिश का कहर टूटा। जिस समय मकान की छत गिरी, उस समय परिवार के लोग दूसरे कमरे मेें थे।
शकुंतला देवी का कहना है कि जिस समय कमरे की छत गिरी, उस समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में आराम कर रहे थे। इस कारण सभी सुरक्षित रहे। वहीं बारिश से कसबे में भी फसलें खराब होने की स्थिति में हैं। किसान धर्मपाल, रौशन लाल, देवराज का कहना है कि अगर और बारिश होती है, तो किसानों का काफी नुकसान हो सकता है।